Thursday, May 14, 2020

मदर्स डे | Mother's Day

दिखावा इतना बढ़ चुका है, कि कभी कभी आँख सच को मिथ्या मानने पर मजबूर हो जाती है। इंसान सच्चाई से ज्यादा दिखावे के पीछे लाभान्वित होता जा रहा है, इंसान के मन में सिर्फ प्रेम ही एक ऐसी वक्तव्य है जिसे वह सदैव सहेज कर रखे रहना चाहता है परंतु इस आडम्बर की दुनिया में वह भी इस मिथ्या से अछूता नहीं रह पाता है, यह आडम्बर चीख - चीख कर कहता है कि आओ मुझे अपने व्यक्तित्व में समेट लो.।
लोगो के मन में भावन्वित रूप ले चुका गोरो की एक अनायासी विधा जो महज एक सयोंग के रूप में उभरा और दुनिया को इस धरा के सबसे पावन प्रेम में ग्रसित कर लिया।
माताओ के प्रति अनोखे प्रेम को मात्र एक दिन में समेट कर वर्ष की 364 दिन उन्हें महिमामन्डित होने के लिए छोड़ देना कहा तक तर्क संगत है। हां उन्हें उनकी महत्वा समझाने के लिए कि उनके लिए हमारे ह्रदय में अथाह प्रेम है और हम उन्हें अपने जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान की स्वामिनी मानते हैं, इस आधार पर इस एक दिन को शुभकामनाओ से भर देना हर सिद्धांत पर उत्तम है।।
मुझे पता था कि आज "मदर्स डे" है, बहुत खुश था क्योंकि आज मेरी माता जी का जन्मदिन था ,,हां मैँ इसे उनके जन्मदिन के रूप में ही मनाता था। जीवन के इस नाव के सारे खिवइयो को सँभालते एवम दिशा देते हुए उन्हें स्वयं का कुछ ख्याल ही नहीं रहा , हां उन्हें नहीं पता की उनका जन्म किस दिन हुआ था। मुझे यह एक अत्यंत ख़ुशी का दिन लगता जिसमें माता जी के ख़ुशी रहने का पूर्ण विश्वास रहता था। 
ख़ुशी एवम् शोहार्द का वातावरण मेरे मन में समाप्त  सा हो गया , मेरे मन में जो आज के दिन को लेकर छवि थी वह धूमिल सी दिखाई दे रही थी । मैंने कल्पना नहीं की थी कि आडम्बर का मर्म इस पवित्र नाते को भी लोगो के मन में  मात्र दिखावे तक सीमित संजो कर रखेगी। जिसे पवित्र एवम सगुण मान रहा था वह लोगो के ह्रदय में मात्र सांत्वना प्राप्त करने का एक जरिया था कि वे अपने माता से अत्याधिक प्रेम करते है।
जिसे दुनिया के सामने मातृछवि के साथ प्रस्तुत किया गया जिसपर लिखा था...love you maa.

mothers-day



कवि - शिवम् तिवारीshivam tiwari kavi
शहर - प्रयागराज
ईमेल - shivam9532096168@gmail.com
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Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

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