Wednesday, June 19, 2019

वाणी

वाणी हमारे जीवन को सर्वाधिक प्रभावित करने वाला गुण है | क्या महत्व है जीवन में वाणी का ? वाणी द्वारा कैसे पाया जा सकता है सुख ? वाणी द्वारा कैसे उपजता है दुःख  ? जीवन में शान्ति और अशान्ति का वाणी से सीधा सम्बन्ध है | आइये देखें क्या कहती है महान विभूतियाँ वाणी के विषय में -

बाणों से बींधा हुआ अथवा फरसे से कटा हुआ वन भी अंकुरित  हो जाता है, किन्तु कटु वचन कहकर वाणी से किया हुआ घाव नहीं भरता | - वेद व्यास 

जो व्यक्ति उपयोगी और अनुपयोगी का अन्तर समझ लेते हैं,  वे कभी व्यर्थ शब्द व्यक्त नहीं करते | - संत तिरुवल्लूर 

कठोर शब्दों में कहे गये हितकर वाक्यों को सुनकर भी मनुष्य रुष्ट हो जाता है | - भास

कम बोलने से मन की शक्ति बढ़ती है | - महात्मा विदुर 

मधुर वचन सुनने में भी और कहने में भी प्रसन्नता देते हैं | लेकिन मधुर वचन अहंकार त्याग से ही सम्भव है | - कबीर 

पशु बोलने के कारण और मनुष्य बोलने के कारण कष्ट उठाते हैं | - बुक्मान 

कोमल उत्तर से क्रोध शान्त हो जाता है | कटु वचन से उठता है | - बाईबिल

कठोर किन्तु हित की बात कहने वाले थोड़े ही होते हैं | - बाल्मीकि 

शब्द से ही श्रृष्टि का उद्गम है और उसी में श्रृष्टि का विनाश और पुनः शब्द से ही श्रृष्टि की नई रचना होती है | - गुरुनानक देव 

प्रश्न का समय पर उपयुक्त उत्तर देना आनन्द प्रदान करता है | उचित समय पर कही गयी बात ज्यादा वजन रखती है | - नीति वचन 

झूठ बोलना तलवार के घाव के समान हैं, घाव भर जायेगा, किन्तु उसका निशान सदा बना रहेगा | - शेख सादी

गाली से प्रतिष्टा नहीं बढ़ती दोनों ओर अपमान है | इस दुनिया में सबसे ज्यादा कमजोर चीज, कठोर बात है | - शरतचन्द्र

हृदय केवल हृदय की बात कर सकता है क्योंकि उसके पास वाणी नहीं होती | - महात्मा गाँधी 

वाणी से भी वाणी की वर्षा होती है | जिस पर इसकी बौछारें पड़ती हैं, वह दिन-रात दुखी रहती है | - बाल्मीकि

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Gaurav Hindustani

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