Saturday, March 9, 2019

"जी चाहता है तुम्हारा बलात्कार करूं. ."..

बात शर्म की है पर करनी तो पड़ेगी
आप सभी शीर्षक पढ़ कर अचंभित होंगे की ये कैसा विषय.. साथ ही सोच रहे होंगे की बेहद अश्लील औरत हैं हम.. कोई भी होगा तो यही सोचता... ये सब लिखते वक़्त हमारी भी रूह कांपी साथ ही मन भी कचोटने लगा.... फिर सोचा हम बस इस विषय में सोचते ही पीछे हट जाते हैं.. जिस किसी बच्ची, औरत मां, बहन के साथ ये सब होता है वो किस तकलीफ़ से गुज़रती होगी.. जिसका हम अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते.. शरीर तो शरीर आत्मा भी घायल हो जाती होगी.. घायल क्या ज़िंदा लाश बन जाती होगी. शीर्षक लिखते वक़्त हमारी चेतना को झकझोर गया जैसे काटो तो खून न ..सोचना ,लिखना मात्र ऐसी स्थिति बना देता है तो ये विकृत कृत्य क्या दुर्दशा करता होगा उस मासूम की।
ऐसे पुरुष समाज में जीने लायक तो छोडि़ए मरने लायक भी नहीं होते।इन्हें भरे चौराहे पर गर्म लोहे से जख्म दे देकर मार देना चाहिए।
एक सलाह उन मां पिता के लिए भी जो बेटी को कमजोर बनाकर रखते हैं।बेटियों को सशक्त, मजबूत, स्वावलंबी बनाने की आवश्यकता है।जब भी समाचार सुनो तो 100 खबरों में से 6 तो नाबालिग के साथ बलात्कार  की होती हैं..
तो................... ..
जी चाहता है तुम्हारा बलात्कार करूं
सरेआम चौराहे पर मर्दानगी तार तार करूं
तेरे अंगों पर मधुमक्खी छोड़ तेरा बलात्कार करूं
ये ना सोच की तुम संग हमबिस्तर होना है
बस तुझे आखिरी और गहरी नींद सुलाना है
जैसे तुम लड़की देख डस लेते हो ठीक वैसे ही सांप बिच्छुओं से तेरे जिस्म को लहू लुहान करूं
जी चाहता है तुम्हारा बलात्कार करूं
राह गुज़रती लड़की को जिन वहशी निगाहों से देखते हो उन आँखों को अपने नाख़ूनों से नोच दूं तुझे नग्न कर तेरे यौनांग पर अंगार रख दूं..बलात्कार करूं
तेरी निगाहों की भूख को गर्म सलाखों से मिटा दूं
लड़की हूं कोई चाट कचौड़ी नहीं की झपट लो.. लाल मिर्च तुम्हारे अंगों में भर दूं.. जब अपनी आबरु बचाती है औरत गर करती इंनकार तो तुम्हारी जीभ से बरसते है अंगार.. ऐसी जीभ का तेजाब से संहार करूं
जी चाहता है तुम्हारा बलात्कार करूं
तेरी मर्दानगी के कर टुकड़े टुकड़े चील कौओं कै आहार करूं... ..
औरत को कमज़ोर न समझ एक सुई से तेरा बलात्कार कर तेरा पुरूषार्थ जार जार करूं.....



हम औरतें वॉलपेपर पर अपनी तस्वीर लगाते हैं
तस्वीर तो वही रहेगी तुम अपनी नज़र और नज़रिया बदलो...नहीं तो....
साथ कुछ मामले हमारे सामने आए हैं.. जिनमें लड़को के साथ भी गलत होता है जो नादान होने की वज़ह से अपनी पीडा सांझा नहीं करते.. नाम तो बता सकतें पर एक उधारन  के तौर पर लिख सकतें हैं.. साथ कम उम्र के लड़को को  सचेत कर सकते हैं. युवा वर्ग में भी कुछ चीज़े सामने आई हैं ..माताओं को भी जागरूक होना चाहिए कि सिर्फ बेटी नहीं बेटों का भी ख़्याल रखें...  जान पहचान  या रिश्तेदार के घर छोड़ कर न जाए या बच्चे की मनोदशा को समझे.. जाने..
 सलाम आप सब को जो.. इतना नग्न शीर्षक होने के बावजूद.. आप सब ने इस रचना को वक्त दिया बस गर सब मिलकर अपने इर्द गिर्द नज़र रखे की कोई इस तरह की हरकत न कर सके.. समाज के प्रति हमारे भी फर्ज हैं.. साथ ही हम ये सोचे की हमारी बच्चियां भी बाहर अकेली जाती हैं तो कोई ना कोई उनकी रक्षा कर रहा होगा... हमारे सामने जो बहन बेटी है वो हमारी ही है ..बस गर हर कोई ऐसा करे तो एक दिन ऐसा आएगा की इस विषय पर लिखने का मौका ही नहीं मिलेगा.. तब जाकर हमारा लिखना सफल होगा..  हम सबसे पहले खुद को सुधार सकते हैं.. हम कभी ऐसा न करें और न ऐसा होने दें...

🙏🙏हाथ जोड़ कर विनती है रचना की गहराई को समझे.. साथ दिजिए ..... जागृति में साथ बनाए रखें... 🙏🙏

Priya Batra
"जी चाहता है तुम्हारा बलात्कार करूं. ."..
Priya Batra
(Nagpur)

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Gaurav Hindustani

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