Saturday, June 8, 2019

अज्ञान ( Ignorance )

अज्ञान क्या है ? ( What is ignorance? ) अज्ञानी कौन है ? ( Who is ignorant? )  ज्ञान की सही परिभाषा क्या है ?  ( What is the correct definition of knowledge? ) कैसे हो अज्ञान का अन्धकार दूर ?  ( How is the darkness of ignorance away? ) आइये देखें विश्व-विभूतियों के इस सन्दर्भ में क्या विचार एवं वचन हैं |
 ( Let's see what are the thoughts and words in this context of the world class. )

भगवान् की परम भक्ति मनुष्यों में कामधेनु के समान मानी गई है | उसके रहते हुए भी अज्ञानी मनुष्य संसार रुपी विष का पान करते हैं | यह कितने आश्चर्य की बात है | - नारद पुराण 

⇒ आपनी अज्ञानता से अनभिज्ञ होना अज्ञानी की सबसे बड़ी बीमारी है | - ए.बी. एलांकट

⇒ अज्ञान एक ऐसा कांटा है, जो चुभने के बाद किसी दूसरे को नहीं दिखता, लेकिन जिसको चुभता है, उसे हमेशा परेशान करता है | - आद्य शंकराचार्य 

⇒ दुःख यदि मौत के लिए है तो अज्ञानता की कोख से पैदा होता है | - चाणक्य 

⇒ कभी-कभी उन लोगों से भी शिक्षा मिलती है, जिन्हें हमने अज्ञानी समझा था | - प्रेमचन्द

⇒ जब तक भगवान् दूर व बाहर प्रतीत होते हैं, तब तक अज्ञान है, परन्तु जब अपने भीतर अन्तर में उनका अनुभव होता है तथा यथार्थ ज्ञान का उदय होता है, तब उन्हें हृदय मन्दिर और जगत पर देखा जा सकता है | - अज्ञात 

⇒ जितना हम अध्ययन करते हैं उतना ही हमको अपने अज्ञान का आभास होता है - स्वामी विवेकानन्द

⇒ उस विषय में अज्ञानी रहो, यह ज्यादा बेहतर है बजाय अधूरा ज्ञान प्राप्त करते के | - साइरस

⇒ जहाँ अज्ञानता का बखान हो रहा हो, वहाँ बुद्धिमानी दिखाना भी मूर्खता है | - बाल गंगाधर तिलक 

⇒ अज्ञान ही पाप है | शेष पाप तो उसकी छाया मात्र है | - ओशो 

⇒ अज्ञान अन्धकार स्वरुप है | दिया बुझाकर भगाने वाला यही समझता है कि दूसरे उसे देख नहीं सकते, तो उसे यह भी समझ रखनी चाहिए कि वह ठोकर खाकर गिर भी सकता है | - रामचन्द्र शुक्ल 

⇒ अज्ञानी रहने की अपेक्षा जन्म न लेना ही श्रेयस्कर है | - प्लेटो 

⇒ अज्ञानता अँधेरी रात है जिसमे न चाँद आता है न सितारे | - महात्मा विदुर 

⇒ अज्ञान के लिए मौन से श्रेष्ट कुछ नहीं और यदि यह युक्ति वह समझ ले तो अज्ञानी न रहे | - शेख सादी

⇒ स्वयं को ज्ञानवान समझना सबसे बड़ा अज्ञान है और अज्ञानी सदा दुखी रहता है | - वेदान्त तीर्थ 

⇒ अज्ञान के समान दूसरा कोई बैरी नहीं | - चाणक्य 

⇒ अज्ञान से बड़ा कोई शत्रु भी नहीं | -  शंकराचार्य

⇒ जहाँ अज्ञान है वहाँ दुःख आकर ही रहेगा | - अरविन्द 

⇒ अज्ञान की दासता से मृत्यु श्रेयस्कर है | संतोष से बढ़कर कोई सुख नहीं और धैर्य से बड़ी शक्ति नहीं | - सत्य साईं बाबा 

अज्ञान ( Ignorance  )
अज्ञान ( Ignorance  )

Share This
Previous Post
Next Post
Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

0 comments: