Tuesday, May 28, 2019

एक युग प्रवर्तक कवि - डाॅ. कुमार विश्वास

कुमार विश्चास एक ऐसा नाम, एक ऐसी शख्सियत जिनके बारे में लिखना सूरज को दिया दिखाने जैसा है | आज की युवा पीड़ी के चहीते, super star, श्रृंगार रस, प्रेम रस और हास्य रस में सराबोर कवि हैं कुमार विश्वास | उनको टीवी पर, मंचों पर भारत का बच्चा सुनने के लिए लालायित रहता है | किन्तु वे जितने बड़े कवि हैं उससे कहीं ज्यादा बड़ा प्रेरणादायी उनका जीवन रहा है | हमें उनके जीवन को गहनता से पढ़ना चाहिए उनका जीवन हमे प्रेरणा देता है | आज का चमकता सूरज कुमार विश्वास विद्यार्थी जीवन में ऐसा सूरज नहीं था | वह कितनी बार असफल हुए | Engineering को अधूरा छोड़  दिया था उनकी रूचि Engineering करने में नहीं थी लेकिन घरवालो की इच्छा से Engineering में admission लिया | परन्तु बीच में ही छोड़ना पड़ा | क्योंकि उन्हें एक बहुमुखी कवि ही बनना  था | 

जीवन परिचय -
कुमार विश्वास का जन्म 10 फरवरी, 1970 को उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद के पिलखुआ में एक मध्यवर्गी परिवार में हुआ था। उनके पिता डॉ॰ चन्द्रपाल शर्मा, आर एस एस डिग्री कॉलेज (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से सम्बद्ध), पिलखुआ में प्रवक्ता रहे। उनकी माता श्रीमती रमा शर्मा गृहिणी हैं। वे चार भाईयों और एक बहन में सबसे छोटे हैं। कुमार विश्वास की पत्नी का नाम मंजू शर्मा है।

कुमार विश्वास ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा लाला गंगा सहाय विद्यालय, पिलखुआ से प्राप्त की। राजपूताना रेजिमेंट इंटर कॉलेज से बारहवीं उत्तीर्ण होने के बाद उनके पिता उन्हें इंजीनियर (अभियंता) बनाना चाहते थे। डॉ॰ कुमार विश्वास का मन मशीनों की पढ़ाई में नहीं लगा और उन्होंने बीच में ही वह पढ़ाई छोड़ दी। साहित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने के ख्याल से उन्होंने स्नातक और फिर हिन्दी साहित्य में स्नातकोत्तर किया, जिसमें उन्होंने स्वर्ण-पदक प्राप्त किया। तत्पश्चात उन्होंने "कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना" विषय पर पीएचडी प्राप्त किया। उनके इस शोध-कार्य को 2001 में पुरस्कृत भी किया गया।

एक युग प्रवर्तक कवि - कुमार विश्वास
एक युग प्रवर्तक कवि - कुमार विश्वास


आधुनिकता के इस युग में, English के इस दौर में, हिन्दी माता का ये सपूत अपनी भाषा से माता के मुकुट में माणिक मोती जड़ता जा रहा है | कुमार विश्वास हर मंच पर हिन्दी में ही व्याख्यान रखते हैं |  हमारी भारतीय संस्कृति (Indian Culture) को , सभ्यता को जन जन तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं |  आज के दौर के वे एक मात्र कवि हैं जो हमारे वेदों का, उपनिषदों का और पुराणों आदि का ज्ञान अपनी काव्य शैली के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं | Engineering में विफल रहा जो विद्यार्थी आज हजारों विद्यार्थियों को अपनी जादुई शैली से संबोधित कर मन्त्र मुग्ध कर देता है | 

The best motivational lecture taken by Dr. Kumar Vishwas  in Kuatilya Academy :-  कवि मंचों पर तो बहुत सुना होगा लेकिन ये lecture शायद ही सुना होगा |  विशेष || आई.पी.एस. बन्धुओं को रामायण, श्रीराम और जीवन प्रबंधन पर डाॅ. कुमार विश्वास का उद्बोधन ||


हमे उनके जीवन से सीखना चाहिए जो हमे अच्छा लगता है, जिसमे हम best कर सकते हैं जीवन में वही चुने | किसी के कहने मात्र से करने से हमे असफलता का सामना ही करना पड़ेगा | 


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Gaurav Hindustani

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