Friday, February 1, 2019

मुस्कुराते हुये मुझको दफन करना (Deshbhakti Poem)

लाश-ऐ-तिरंगा मुझको कफन करना यारो,
राष्ट्रगान की धुन पर मुझको नमन करना यारो,
और पोंछ लेना अपनी आँख से आँसू,
मुस्कुराते हुये मुझको दफन करना यारो ।

मेरे जनाज़े की खबर मेरी माँ को न करना,
वो मेरी खरोंच पर भी सिसक जाती है,
संभाल लेना उसको
बस इतना मुझ पर करम करना यारो ।

मेरे हिस्से की राखी छुटकी से छोटे को बंधा देना,
उसके आँसुओं को पल्कों में छुपा देना यारो,
ले ले वो माँ के कांधों की जिम्मेदारी,
बस इतना कहकर मुझ पर एहसान करना यारो ।

कांधे हों बस सिपाहियों के,
ऐसा नसीब मुझको अन्तिम सफर करना यारो,
फिर बनूँ हिन्दुस्तान का सिपाही,
बस इतना जतन करना यारो ।

लाश-ऐ-तिरंगा मुझको कफन करना यारो,
राष्ट्रगान की धुन पर मुझको नमन करना यारो,
और पोंछ लेना अपनी आँख से आँसू,
मुस्कुराते हुये मुझको दफन करना यारो ।
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 गौरव हिन्दुस्तानी


मुस्कुराते हुये मुझको दफन करना यारो ...


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Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

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