Sunday, December 9, 2018

हमसे भी तो कोई पूछे ...

हमसे भी तो कोई पूछे
क्या है हमारी अभिलाषा
सब रखते हमारे कांधों पर
अपनी - अपनी अभिलाषा ।

पिता कहें डॉक्टरी पढ़ियो
मल्हम - पट्टी रोगी के करियो
रुपया - पैसा खूब कमईयो, पर्चन पर
लिखकर उल्टी - सीधी तुम भाषा ।
हमसे भी तो कोई पूछे........

मैया कहे वकालत करियो
तारीखान पै तारीख दिलइयो
मुकदमा तुम ही तौ जीतौगे
देकर सच्चो - झूठों उन्हें दिलासा ।
हमसे भी तो कोई पूछे........

भाई - बहिन कहें ऐसो करियो
चार लोग कहें वैसो करियो
मुझको व्यथित - चिन्तित कर
चुटकी, हँसी ठहाकों से करते तमाशा ।
हमसे भी तो कोई पूछे........

न दौलत की चाहत है
न शौहरत की ख्वाहिश मुझको
हिन्दी माँ का बेटा बन जाऊं
बस लिखता रहूँ इनकी परिभाषा ।
हमसे भी तो कोई पूछे........

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 गौरव हिन्दुस्तानी

 गौरव हिन्दुस्तानी

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Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

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