Friday, February 1, 2019

बहुत याद आता है वो ...( Ghazal )

बहुत याद आता है वो,
भुलाऊँगा उसको रुलाता है वो ।
बहुत याद ....

जी रहा है अब तक वो अपने बचपने में,
धूप को आइना दिखाता है वो ।
बहुत याद ....

करेगा अँधेरा वो जीवन में मेरे,
जलते चरागों को बुझाता है वो ।
बहुत याद ....

सीखूंगा उससे मैं मोहब्बत के नुस्खे,
करके वेबफाई, बफा को सिखाता है वो ।
बहुत याद ....

ख़त मैं मोहब्बत के न भेजुंगा उसको,
बिना ही पढ़े उनको, जलाता है वो ।
बहुत याद ....

न देखुंगा उसके मैं सपने सुनहरे ,
ख्वाबों में आकर जगाता है वो ।
बहुत याद ....
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 गौरव हिन्दुस्तानी

#Memories, #Love, #Poems

बहुत याद आता है वो ...

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Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

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