Wednesday, October 3, 2018

तुम मुझसे ऐसे रूठ गई

तुम मुझसे ऐसे रूठ गई
जैसे सावन से बादल
तुमको कैसे समझाये
दिल रो - रोकर हुआ है पागल |

बस एक दिवस बीता होगा
बिना तुम्हारे संवाद के
प्रेम तार ह्रदय के टूटे
कुछ शब्द रूठे अन्तर्मन के |

मैं दूर हूँ कितना अपनों से
कभी नहीं महसूस हुआ
रूठ जाओगी तुम मुझसे इतना
बस यही मुझको अफ़सोस हुआ |

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गौरव हिन्दुस्तानी
tum mujhse aise ruth gyi
तुम मुझसे ऐसे रूठ गयी ..

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Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

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