Saturday, October 6, 2018

मेरी माँ का मुझ पर दुलार बरस रहा है

सावन की फुहार सा प्यार बरस रहा है
मेरी माँ का मुझ पर दुलार बरस रहा है
यूँ ही रहे वो साथ मेरे उम्र भर
ईश्वर से यही अब दिल कह रहा है |

मुझे धूप के छूने से पहले, आँचल में छुपाती है
बूंदों के बरसने से पहले वो आशियाँ बन जाती है
इतना प्यार करती है मुझसे कि
नजर न लग जाये किसी की मुझे,
वो काजल बन जाती है |

गहनों की तरह मेरे दर्द को लेती है
बदले में मुझको खुशियाँ हजार देती है
फूलों सी मुस्कराहट होठों पर
दुखों को सीने में छुपाये रहती है
ऐसी है मेरी माँ, किसी से कुछ नहीं कहती है |

अब न आये दुःख कभी उसके हिस्से में
उसके दामन में ख़ुशियाँ ही भरना
जो आये कोई गम उसकी ओर
ऐ ख़ुदा तू मुझको ही आगे करना |

भगवान् तुझसे मेरी बस यही विनती है
मिल जाये उसे भी मेरी माँ जैसी
जो माँ के प्यार को तरस रहा है
सावन की फुहार सा प्यार बरस रहा है
मेरी माँ का  मुझ पर दुलार बरस रहा है
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गौरव हिन्दुस्तानी

MOTHER'S LOVE
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Gaurav Hindustani

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