Wednesday, September 26, 2018

तुम बेफिजूल ना कहना

इनके उमंग को तुम बेफिजूल ना कहना
इन युवा को तुम कोमलांग ना समझना।

ये चाहे तो पत्थरों मे गहरी सुरंग खोद दे
या ये चाहे तो दुश्मनों पर हल्ला बोल दे

ये चाहे तो देश की सत्ता का रंग बदल दे
या ये चाहे तो हिमालय पर तिरंगा लहरा दे

इनके उमंग को तुम बेफिजूल ना कहना
इन युवा को तुम कोमलांग ना समझना।

ये परम पुरूषार्थी और तेज बलवान है
ये धीरंगभीर है और कहलाते महान है

ओत-प्रोत जोश से,युवा देश के प्राण है
उठ आगे बढते करते योवन बलिदान है

इनके उमंग को तुम बेफिजूल ना कहना
इन युवा को तुम कोमलांग ना समझना।


ज्योति झा
शिक्षा-एम.ए (हिन्दी)
साहित्यिक उपलब्धि-विभिन्न साहित्यिक मंच पर काव्य पाठ।
निवास-कोलकाता।

JYOTI JHA

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Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

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