Thursday, September 27, 2018

माँ आप सुदामा ..

माँ आप सुदामा और प्रियंका
सांवरे सी दिखती हैं ,
आप हो वास्तविक रूप देवी का
ये आपकी परछाई ही लगती हैं |

हर पुस्तक से इनका ज्ञान अलग
हर माटी से इनका निर्माण अलग
प्रश्न करती है कलम ये मेरी
आप स्त्री नहीं कोई शक्ति ही लगती हैं |

आप शान्ति स्वरूपा देवी हो
इनके चेहरे पर ख़ामोशी है
आप वीणा-वादिनी माँ हो
ये मधुर संगीत सी बेटी हैं |

अचल धैर्य प्रदान इन्हें किया  आपने
विपत्ति में भी ये न विचलित होती हैं
आप अनन्त ज्ञान का दीपक हैं
ये अमर ज्ञान की  ज्योति हैं |



बनारस महका आपकी सुगन्ध से
इन्होंने बरेली में वही सुगन्ध बिखराई है
आप विशाल वृक्ष हो जिस घर की
ये उस आँगन की तरुणाई हैं |

इनकी प्रियतमा हैं बस पुस्तकें
आपको प्रिय अपनी प्रीति
दीर्घ आयु  आप दोनों की हो इतनी
जब तक ये दुनिया जीती |

आप पुष्प ये सुगन्ध
सी  लगती हैं
आप नयन हो ये आपकी
द्रष्टि ही लगती हैं |

माँ आप सुदामा और प्रियंका
सांवरे सी दिखती हैं ,
आप हो वास्तविक रूप देवी का
ये आपकी परछाई ही लगती हैं |



इन्हें ज्ञान की माला दे दी
मुझ मूर्ख को एक मोती दे दो
शीष झुकाकर आपके चरणों में वन्दन मेरा
मुझे आपना आशीष दे दो |

फैलाऊ उजियारा कविताओं के शीष महल में
बस ऐसी मुझको एक कलम दे दो

गौरव हिन्दुस्तानी


माँ आप सुदामा ..

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Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

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