Tuesday, September 4, 2018

'अ' से अज्ञानी 'ज्ञ' से ज्ञानी..

'अ' से अज्ञानी 'ज्ञ' से ज्ञानी
हम कहाँ जानते
अगर हमारी ऊँगली "गुरुवर"
आप नहीं थामते |

घिर जाते अँधियारों से
फिर जीवन भर पछताते
ज्ञान पुंज का दीपक मन में
यदि आप नहीं जलाते |

मन के मैले होते फिर
अभद्र व्यक्तित्व बन जाते
शिष्टाचार के पाठ हमें
यदि आप नहीं पढ़ाते |

कौन सही है कौन गलत है
हम भेद कहाँ करपाते
जीवन की इस गुणा भाग को
यदि आप नहीं सिखाते |

काले सफेद या रंगहीन
चरित्र हमारे रह जाते,
अन्तर्मन की पोशाकों पर इन्द्रधनुष
यदि आप नहीं बनाते |

मात-पिता की सेवा करना
हम कहाँ जानते
सेवा भाव के पद-चिन्ह स्मृति में
यदि आप नहीं बसाते |

हैं कितने उपकार आपके
क्या क्या बतलायें
फिर भी हमसे बदले में
आप कुछ नहीं माँगते |

'अ' से अज्ञानी 'ज्ञ' से ज्ञानी
हम कहाँ जानते
अगर हमारी ऊँगली "गुरुवर"
आप नहीं थामते |

गौरव हिन्दुस्तानी

अ से अज्ञानी ..
अ से अज्ञानी ..




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Gaurav Hindustani

My name is Gaurav Hindustani. I am web designer by profession, but I am author by heart so Hindustani Kranti is a platform for all Authors and poets who write GOLDEN words and have special stories and poetries. You can send any time your words to me at gauravhindustani115@gmail.com.

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